He said, "Knowledge [of its time] is only with Allah , and I convey to you that with which I was sent; but I see you [to be] a people behaving ignorantly."
( hazrat Hood ney ) kaha ( iss ka ) ilm to Allah hi kay pass hai mein to jo paygham dey ker bheja gaya tha woh tumhen phoncha raha hun lekin mein dekhta hun kay tum log nadani ker rahey ho.
उस ने कहा, "ज्ञान तो अल्लाह ही के पास है (कि वह कब यातना लाएगा) । और मैं तो तुम्हें वह संदेश पहुँचा रहा हूँ जो मुझे देकर भेजा गया है। किन्तु मैं तुम्हें देख रहा हूँ कि तुम अज्ञानता से काम ले रहे हो।"